अमीरों और गरीबों के बीच बढ़ती खाई

अमीरों और गरीबों के बीच बढ़ती खाई 

अमीर ज्यादा अमीर हो रहा है , गरीब उतना ही गरीब हो रहा है ।गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोग ज्यादा टैक्स देते है बजाय अमीर लोगो के ।गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोग ज्यादा महंगी वस्तुएं खरीदते हैं बजाय अमीर लोगो के।गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोग उन्ही वस्तुओं के ज्यादा दाम चुकाते है , और घटिया सामग्री अपने घर  लाते हैं।गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोगो की  बचत कम और आमदनी पर टैक्स ज्यादा होता हैं । इसलिए वे और गरीब होते जाते है ।गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोग अपने बच्चो को ज्यादा पढ़ो ,ताकि तुम्हारी ज्यादा अच्छी नौकरी लगे ताकि तुम ज्यादा कमा सको और सरकार को ज्यादा टैक्स दे सको ।

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोग जब भी पैसे की बात आती हैं तो अपने बच्चों के सामने बात करने से कतराते है और अपनी फाइनेंशियल पोजीशन और प्लानिंग बच्चो से छुपाते है ,जिससे बच्चे बड़े होकर भी फाइनेंशियल नॉलेज कम रहता है ।जबकि अमीर परिवार के लोग अपने बच्चों को बचपन से ही पैसे के बारे ने नॉलेज देते हैं ,पैसे की वैल्यू समझाते हैं ।अपने बिजनेस के छोटे बड़े काम निपटवाते हैं जैसे सामान देना , पैसा लेना देना , हिसाब करना आदि ।

इससे बच्चे बड़े होकर उनका फाइनेंशियल नॉलेज ज्यादा  स्ट्रॉन्ग होता हैं।फाइनेंशियल बुद्धि का मतलब है ज्यादा विकल्प होना। अगर अवसर आपके सामने नहीं आ रहे है, तो आप अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए क्या कर सकते है ?कम पूंजी मे करोड़ों कमाए ! यही है फाइनेंशियल बुद्धि ।गरीब और मध्यमवर्गीय लोग पैसे के लिए काम करते हैं ।जबकि अमीर लोग पैसे बनाते हैं ।

इन्हें संपत्ति और दायित्व का अंतर नहीं पता होता 

अगर आप अमीर होना चाहते है तो आपको बस इतना ही जानने की जरूरत हैलेकिन ज्यादा बड़े लोग ये बात नहीं समझ पाते । इसलिएKiss सिद्धांत  को याद रखें यानी keep it simple stupid । मूर्ख इसे आसान ही रहने दो

अमीर और गरीब के बीच बढ़ती हुई खाई
अमीर और गरीब के बीच ज्यादा फर्क मस्तिष्क और सोचने की शक्ति है

अरबपतियों की खास आदतें जो उन्हें अमीर बनाती हैं

वे हर बड़ा काम अगले १० साल को ध्यान में रखकर करते है , टीम के आइडिया सुनते हैं , फीडबैक लेते रहते हैं ।कभी अकेले काम नहीं करते । टीम बनाकर काम करते है ।नियमित तौर पर कसरत करते है।

शहर में अमीर और गरीब लोग आसपास ही नजर आ जायेंगे । यहां भव्यता और मलीनता साथ साथ रहती हैं । गरीब लोग संपत्ति क्यों नहीं जोड़ पाते ? आखिर इसकी क्या वजह हो सकती हैं ? इनके पास धन टिकता क्यों नहीं ? वे इतने हो क्यों कमा पाते है ,तो सिर्फ जिंदा रह सके और रोटी कपड़ा और मकान की मूलभूत जरुरते ही पूरी हो सके ।

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