पहला सुख निरोगी काया , दूसरा पास में माया  कहा जाता है कि पहला सुख निरोगी काया दूसरा पास में माया । धन को वो ही भोग सकता हैं जो निरोगी हो । इसलिए पहले स्वस्थ हो जाएं। जिससे हम धन का सदुपयोग कर सकें। आप पुर्ण रूप से...