जेब में ज्यादा नहीं था । सन २००४ मे दवाई के लिए  ३०० रुपए भी निकाल पा रहा था । पढ़ाई में अच्छा था। क्लास में टॉपर बच्चो ने से था । यूपीएससी , कलेक्टर जी सपने देखे । लेकिन वक्त के साथ और सही फोकस न होने की...