बिजनेस चलता रहे

 बिजनेस के लिए मात्र एक आइडिया के भरोसे न रहें 

नए एंटरप्रेन्योर को  हजारों  आइडिया लगातार सोचने चाहिए ।

नए उद्यमियों के पास अक्सर क्रांतिकारी आइडिया होते हैं , लेकिन वे उन्हें साकार करने की रणनीति नहीं बनाते हैं ।

अपने आइडिया को लागू कारनेवके लिए जल्द तरीके खोजे। ऐसे तरीके जो सरल हो और आपके बजट मे हों।

संसार ऐसा ही है 

आपको बहुत सी चीजों के काम न करने पर संतोष करना होगा ।आप आधे से अधिक बार गलत  हो सकते है फिर भी विपुल संपत्ति बना सकते है ।

बस बहुत हुआ 

उन्होंने यह काम बंद कर दिया । उन्होंने बस यह काम छोड़ दिया । और अपने जीवन के अगले पड़ाव की ओर चल पड़े।अब और नहीं ।अब वित्तीय आजादी ही लक्ष्य है ।

आज के समय में लोगो की जीवन शैलियां करीब करीब समान हो गई है ।अंतर बस पैसे और  क्वालिटी जा रह गया है ।

1957 में हॉपर्स मैगजीन ने लिखा था :

अमीर आदमी भी उसी तरह सिगरेट पीता है जैसे की गरीब आदमी ,उसी तरह के रेजर से दाढ़ी बनाता है  उसी तरह का टेलीफोन, वैक्यूम क्लीनर, रेडियो और टेलीविजन जा इस्तेमाल करता है  और गरीब आदमी केभी उन्ही चीज़ो का इस्तेमाल करता है

तो अब असमानता की दूरी कम हो गई है किंतु सोचने और आदतों के  तरीके में अंतर काफी है ।

आपका पूरा पोर्टफोलियो क्या कहता है ! ओवरऑल आप क्या है ! काम ज्यादा सब चलता है बट क्या आप सीखकर आगे बढ़ रहे है या नहीं , ये मायने रखता है ।

आपका “स्वतंत्रता कोष ” कितना है !

रैट रेस मे ना पड़े 

यह बस हमारे लिए काम करता है । आपके लिए आपकी स्थिति भिन्न हो सकती है ।

कभी कभी हर कोई कोन ऐसे बड़े खर्च का सामना करना पड़ता है जिसकी उम्मीद नहीं होती हैं ।

हम हमेशा वह करेंगे जिससे हम रात को चैन की नींद सो पाए 

बिजनेस चलता रहे । आइडिया पर वर्क करे
बिजनेस मे नए आइडियाज पे काम करे ।

फैमिली बिजनेस मे क्या होना चाहिए ! 

मतभेद तो होंगे ही पर फैमिली बिजनेस चलता रहे उसके लिए जरूरी हैं पारदर्शिता और माफी मांगना ।

भारत ने जो टॉप ५०० कंपनी है ,उनमें से ३०६ फैमिली बिजनेस है ।

“अनटेगलिंग कॉन्फ्लिक्ट्स “ ,यह किताब फैमिली बिजनेस मैनेजमेंट पर बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के चेयरमैन जन्मेजय सिन्हा द्वारा लिखी गई है।

सॉफ्ट या इमोशनल इश्यूज।

एक कल्चर बनाना जिसका आधार हो खुलापन और क्षमा मांगना।

लव, रिस्पेक्ट एंड केयर ही नीव है परिवार की।

“द फ्यूचर डिपेंड्स ऑन व्हाट यू डू टुडे ” …. गांधीजी ।

प्रोस्ताहन, खुशी अच्छे प्रदर्शन के लिए ईंधन की तरह है … एन रघुुरामन , मनेजमेंटग गुरु 

आपका भविष्य में कितना खर्च होगा, ये कोई नहीं जानता । मैं बहुत बचत करता हूं , और मैं नहीं जानता की भविष्य मे मैं इसे कहां खर्च करूंगा।

लोगों के लक्ष्य और कामनाएं एक दूसरे से अलग होते है।

क्या आपने मार्केट को हरा दिया ? 

मार्केट के विषय में बात करे तो सफलता की संभावना कम होनी चाहिए ।नही तो मार्केट से अवसर गायब हो जायेंगे ।

 

संपत्ति का प्रयोग अपने समय पर नियंत्रण के लिए कीजिए।

आपके वित्त ने इतनी क्षमता होनी चाहिए कि आप जो करना चाहे,जब करना चाहे,जिसके साथ करना चाहे,जब तक करना चाहे , कर सके। 

बहुत सी चीजों के गलत हो जाने को स्वीकारना सीखे ।

आपके पास क्या है और क्यों है ! 
मैं आजाद होना चाहता हूं और अमीर भी । 

आजादी हमेशा मेरा वित्तीय लक्ष्य रहा है । बहुत शानोशौकत में मेरी दिलचस्पी नहीं है ।

मैं बस हर सुबह उठकर यह अनुभव करना चाहता हूं कि मैं और मेरा परिवार जो चाहे वह कर सकते है ,वह भी अपनी शर्तो पर । हमारा हर वित्तीय लक्ष्य इसी के इर्द गिर्द घूमता है ।

संपत्ति की एक छोटी राशि का मतलब है उन कुछ दिनों के लिए काम से छुट्टी लेने की क्षमता जब आप बीमार हो, बिना अपना बैंक खाली किये ।

 

स्टॉक्स क्यों बेचने पड़ते है ?

नगद स्वंत्रता की ऑक्सीजन है । नगद बनाए रखे ताकि स्टॉक्स बेचने पर मजबूर ना होना पड़े ।

अपने स्टॉक्स की कंपाउंडिंग की संभावना को बढ़ाए ।

सर्वोत्तम निवेशक ना सही , किंतु खराब निवेशक ना बने । 

सब कुछ अनिश्चित है । अच्छा फिर खराब, फिर अच्छा फिर खराब , मार्केट ऐसे ही रिस्पॉन्स करता है ।

रैट रेस के चक्कर मे ना पड़े

सच्ची सफलता रैट रेस को छोड़कर अपने कार्यकलाप को व्यवस्थित करना है , जिससे मन की शांति प्राप्त की जा सके ।

संपत्ति वह है जो आपको दिखाई नही देती

पैसे खर्च करके लोगो को दिखान कि आपके पास कितना पैसा हैं , यह पैसे कम करने का सबसे तेज तरीका है ।

अगर आप चीजों पर पैसा खर्च करेंगे तो आपके पास बस  चीजे बचेंगी और पैसा नहीं !

अमीर बनने का तरीका यह है कि आप वह पैसा खर्च करे जो आपके पास है , न कि वह पैसा जो आपके पास है ही नहीं ।

 

 

 

 

 

 

 

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