मेरी जिंदगी की कहानी

जेब में ज्यादा नहीं था ।

सन २००४ मे दवाई के लिए  ३०० रुपए भी निकाल पा रहा था । पढ़ाई में अच्छा था। क्लास में टॉपर बच्चो ने से था । यूपीएससी , कलेक्टर जी सपने देखे ।

लेकिन वक्त के साथ और सही फोकस न होने की वजह से , समय के साथ साथ  बिजनेस और मार्केटिंग लाईन में शुरुआत कर दी ।

आज ५०० करोड़ का वेंचर है । जिसमे  रीयल एस्टेट और  इन्वेस्टमेंट हैं ।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सोचा अच्छी नौकरी लगेगी । जिंदगी आराम से गुजरेगी । ऐसा हुआ नहीं ।

पीएससी मैंस एग्जाम की तैयारी कर रहा था । और पक्का विश्वास था की डिप्टी कलेक्टर की पोस्ट तो के ही लूंगा।

इसी बीच रिटेल आउटलेट का फॉर्म भरा । इंटरव्यू की अच्छी तैयारी थी । और रिटेल आउटलेट एजेंसी मिल गई ।

रिटेल आउटलेट खोला ।जेब ने ५००० भी नहीं थे।

सन २०१० कर्जा इतना था , मकान मालिक को देने के लिए भी किराया नहीं था । इनके  पापा कहते थे तीन महीने जा किराना  देता हूं , चला करेगा।

जिंदगी के थपेड़ों को सहे बिना आगे नही बढ़ा जा सकता।

सीखते गए । आगे बढ़ते गए।https://www.facebook.com/stories/464940547576694/UzpfSVNDOjgyMDYzMTIyOTA1MjYyOQ==/?view_single=1&source=shared_permalink

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