शेयर बाजार और आपका निवेश

शेयर बाजार और आपका निवेश

पहले आपकी संपत्ति का आकलन इस तरह से होता था कि आपके पास :

कितना धन  है ,

कितनी प्रॉपर्टी है ।

आज इस बात से होता है कि आपके पास कितने शेयर्स है ।

इन्वेस्टमेंट के पहले आपको सोचना होगा कि इस पैसे का आप क्या करोगे ?

व्हाट आई डू विथ दिस मनी ? और

हाउ टू डू राईट इन्वेस्टमेंट ?

साइंस एंड आर्ट ऑफ इन्वेस्टिंग 

यहां कुछ भी कंट्रोल मे नहीं है । मार्केट बुल की तरफ जाएगा या बीयर की ओर मूव करेगा ।

कोई सिक्का उछालेंगे तो हेड या टेल आने की ५० ,५० % संभावना है । ऐसे ही मार्केट भी रिस्पॉन्स करता है ।

ना ना करते करते लोग म्यूचुअल फंड ने निवेश करने लगे ।

शेयर मार्केट कोई विज्ञान नहीं है ।

इसमें मेरे लिए क्या सही है। वो देखिए ।

 

शेयर बाजार में लोग आपकी आदतों के कारण  या तो कमाते है या गवाते है 

लोग शेयर बाजार में आते है पैसे कमाने के लिए लेकिन शेयर बाजार ने कुछ ही  लोग पैसा कमाते है अपनी आदतों की वजह से ।

यहां लोगो का टेंपरामेंट इंपोर्टेंट है

क्या उनकी आदत बुरे वक्त में घबराकर भाग जाने की है ।

या मंदी के दौर में भी टिके रहने की ।

लोग शेयर बाजार में स्ट्रेस में आकर पैसा निकाल लेते है ।

मैनेजिंग इमोशंस 

यानी की पैसे कमाना है तो इमोशंस  को मैनेज कीजिए ।

लोग वह करते है जो उन्हें अच्छा लगता हैं । लेकिन जो अच्छा लगता है , क्या जरूरी है की वो आपको रुपया भी कमा के दे ।

कितने लोग सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाते है ? बहुत कम ।

कुछ गिने चुने युवा लोगो के अलावा सिर्फ आपको कुछ सफेद बाल वाले दिखेंगे ,वो भी इसलिए की उम्र के साथ उन्हे सेहत की इंपोर्टेंस का पता चल गया ।

ऐसे ही शेयर मार्केट और इन्वेस्टमेंट के बारे मे भी है । समय के साथ आपको इसकी इंपोर्टेंस पता चलती है ।

जीवन में स्थायित्व हो ! यह रीयल नही है । 

आप जितना ज्यादा सेफ्टी को पाओगे ,उतना ज्यादा आपका रिस्क बढ़ता जायेगा । 

ग्यारंती अच्छी क्यों लगती है ? क्योंकि इससे पीस ऑफ माइंड मिलता है ।

सेफ्टी, सर्टेंटी और एश्योरेंस अच्छा लगता है । लकिन यह रीयल नही है ।

जैसे कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका से कहे की में तुम्हारे लिए चांद तोड़कर का सकता हूं । यह रीयल में नही हो सकता ।

इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन या डिले ग्रेटिफिकेशन

एक सिचुएशन देखते है ।दो बच्चे है ।और उन्हे कहा जाता है कि आज यदि  एक टॉफी है , चाहे तो खा भी सकते है लेकिन कल तक हमारे आने की प्रतीक्षा करे तो कल आपको  यदि आपने इसे नहीं  मिलेगी ।

लेकिन यदि आज अपने ये टॉफी नहीं खाई तो कल दो टॉफी मिलेगी।मिठाई को बार बार देखता है , ललचाता है ,वह सिर्फ एक ही टॉफी में संतुष्ट हो जाता हैं ।

वही दूसरा बच्चा अगले दिन की प्रतोक्ष करता है । और दो टॉफी प्राप्त करता है। ऐसे ही शेयर बाजार में होता है ।

शेयर बाजार है तो  रिस्क है 

यदि रिस्क ना हो तो आपको ज्ञारांटेड इनकम पर कोई विशेष कमाई नहीं होगी ।

जहां ज्यादा जोखिम में वहां कमाई भी ज्यादा है ।

अपीटाइट और रोल ऑफ अपीटाइट 

शेयर बाजार इस बात लोग पैसा कमाते है कि उनकी पैसे की भूख कितनी है ?

पहले के दौर में जब आदमी की नीड और ग्रीड काम थी ।तो शेयर मार्केट नहीं था ।अब नीड पे ग्रीड हावी हो गई है तो ये  कुछ एक इसे लीगल सट्टा बाजार कहते है ।

अब ये पुराने दौर की कहावत हो गई है कि ,

साई इतना दीजिए जामे कुटुंब समाए ,

मैं भी भूखा ना रहूं , साधु भूखा न जाय ।।

रोल ऑफ टाईम

आपके पास वही होता है जिसके बारे में अधिकतर समय आप सोचते है । 

जैसे कहते है ना की कण कण में भगवान है ।हर कहीं ईश्वर है  तो फिर कहीं रात के अंधेरे में निकलते है तो सबसे पहले किसके आने के चांसेज है ? ईश्वर के या भूत के ! तो फिर डर  किससे लगता है ! भूत से ।

 

आप इन्वेस्टमेंट देखते है की किसी चीज या कंपनी की  वैल्यू और प्राइस को देखकर ।

आज २००० के नोट की वैल्यू पहले के १०० रुपए के बराबर है फिर रुपया रखने ने फायदा है या सोना खरीदने मे ?

यानी पैसे को रखनेसेक की वैल्यू नहीं बढ़ेगी किंतु यदि उस पैसे से सोना या कोई और चीज खरीद लेंगे तो उसकी वैल्यू बढ़ जाएगी ।

और महंगाई की वजह से  पैसे के वैल्यू घट जाएगी ।

शेयर बाजार के खरीदते, बेचते समय न्यूज पे ध्यान ना दे 

डेली न्यूज़ ना देखे । न्यूज पर पूरा भरोसा ना करे ।

यदि उसे पता होता तो क्या वह खुद नही खरीद लेता ,आपको क्यों बताता !

कभी भी यो ही अपने दिल को बहला लिया करता हूं ,

जो  बात खुद नहीं समझी , औरो को समझाया करता हूं ।। जरूरी नहीं है की वारेन बफेट ने जिन शेयर से अरबों रुपए कमाए ,आप भी उन शेयर से कमाएंगे ।

 

रोल ऑफ इकोनॉमिक्स  

जापान में आज नागरिक को पूछा , आपके बच्चे क्यों नहीं है तो वह बोला मेने शादी नहीं की।

हमने पूछा , शादी क्यों नहीं की ,वह बोला क्योंकि मेरे पास नौकरी नहीं है ।

और एक भारतीय को पूछा,आपके ५ बच्चे क्यों है ,वो बोला क्योंकि मेरे पास नौकरी नहीं है ।

 

दुनिया की ग्रोथ रेट कम हो रही है और इंडिया की बढ़ रही है ।

इंडिया में बर्थ रेट २.२% है ।

मैने आपसे १००० रुपए उधार लिए तो आपके लिए कोई चिंता की बात नहीं ,

लेकिन यदि आपसे १ करोड़ रुपए लिए तो ये मेरे लिए चिंता की बात है ।

बुआजी की मूछें हो तो कक्काजी कैसे बन सकते है ।

 

 

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